अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नरेंद्र मोदी से Hydroxychloroquine टैबलेट के लिए क्यों मांगी मदद ?
कोरोना वायरस वैश्विक महामारी का रूप ले चुका है इस महामारी संक्रमण विश्व के कई देशों में तेजी से फैल रहा है।इटली और स्पेन जैसे विकसित देश इ...
कोरोना वायरस वैश्विक महामारी का रूप ले चुका है इस महामारी संक्रमण विश्व के कई देशों में तेजी से फैल रहा है।इटली और स्पेन जैसे विकसित देश इस महामारी के आगे हार चुके है अमेरिका जैसा सुपर पावर देश भी भारत से मदद की आस में है अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शनिवार शाम कोरोना से लड़ने के लिए मदद की मांग की है ।
अमेरिका मे कोरोना वायरस के कारण स्थिति भयावह बन गई है। अमेरिका मे अब तक 336,830 लोग संक्रमित हो चुके हैं इनमें से अभी तक 9,618 लोगों की मृत्यु हो चुकी है अमेरिका हो रही मौत के मामले में दुनिया में तीसरे स्थान पर आ चुका है अमेरिका में न्यूयॉर्क कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य में आ गया है लोगों के बीच डर न फैले इस लिए न्यूयॉर्क के अस्पतालों से लाशों को रात में निकाला जा रहा है।
अमेरिका क्यों मांग रहा है भारत से मदद
क्योंकि भारत हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वाइन का सबसे बड़ा उत्पादक है हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वाइन (Hydroxychloroquine) मलेरिया जैसी खतरनाक बीमारी से लड़ने में एक कारगर दवा है हर साल भारत में बहुत बड़ी संख्या में लोग मलेरिया की चपेट में आ जाते हैं इस कारण भारत में बड़े स्तर पर इसका उत्पादन होता है ।
अब हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वाइन(Hydroxychloroquine) कोरोना वायरस से लड़ने में कारगर सिद्ध हो रही है इसलिए इस दवा की मांग और बढ़ गई है हालांकि Lockdown के कारण कच्चे माल की कमी उत्पादन को बहुत प्रभावित कर रही है भारतीय दवा निर्माता कंपनियों सरकार से कच्चे माल को एयरलिफ्ट करने की मांग कर रही है ।
कच्चा माल कहाँ से आएगा इस दवा के लिए
दवा के उत्पादन के लिए भारत चीन के बाद ब्राजील से सबसे ज्यादा कच्चा माल खरीदता है शनिवार शाम को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से बात करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो से बातचीत की। ब्राजील के राष्ट्रपति ने भरोसा दिलाया है उनहोंने कहा है कि दवा के उत्पाद के लिए जरूरी कच्चे माल की आपूर्ति में कोई कमी नहीं आने दि जायेगी ।
भारत की दुनिया में कोरोना से लड़ने के तरीकों के लिए तारीफ हो रही है
भारत के कोरोना वायरस से लड़ने के तरीकों की तारीफ विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) सहित दुनिया के कई देश कर चुके है भारत ने पहले ही कोरोना वायरस से लड़ने के लिए 21 दिनों के लॉकडाउन और सोशल डिस्टेंसिंग पर फोकस किया था । हाइड्रोक्सीक्लोरोक्वाइन दवा घरेलू बाजार में पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए निर्यात पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया था।

